Collection of Thought 214
किसी भी व्यक्ति को जो मिला उसके लिए कभी सम्मानित नहीं किया गया। सम्मान उसने जो दिया उसके लिए इनाम है.
किसी भी व्यक्ति को जो मिला उसके लिए कभी सम्मानित नहीं किया गया। सम्मान उसने जो दिया उसके लिए इनाम है.
जो कहते हैं, “मेरा यक़ीन तो करो”
अगर सुख नहीं रहे तो दुख भी नहीं रहेंगे.
यदि हम अतीत और वर्तमान के बीच का झगड़ा खोलेंगे, तो हम पाएंगे कि हमने भविष्य खो दिया है.
कहनी मुझे उनसे एक बात बाकि है,
मौत भी अगर आ जाये तो मैं कह दूंगा ज़रा रूक,
अभी मेरे यार से एक मुलाकात बाकी है.
तो हमारे ग़मों को किसी की नजर आखिर क्यों नहीं लगती ???
है कोई जवाब ?
होशियार व्यक्ति दुनिया को अपनी मर्जी से चलाने की कोशिश करता है _ बुद्धिमान व्यक्ति खुद को दुनिया के अनुरूप बनाने के लिए लेता है.
तो फिर देखना फिजूल है कद आसमान का.