Collection of Thought 315
क्रोध से आपको कुछ हासिल नहीं होगा, _ तो इस तरह की चीज़ों में अपना समय क्यों बर्बाद करें ?
क्रोध से आपको कुछ हासिल नहीं होगा, _ तो इस तरह की चीज़ों में अपना समय क्यों बर्बाद करें ?
इतना नहीं कि जितना रुलाता है आदमी;
माना गले से सब को लगाता है आदमी;
दिल में किसी-किसी को बिठाता है आदमी;
सुख में लिहाफ़ ओढ़ के सोता है चैन से;
दुख में हमेशा शोर मचाता है आदमी;
हर आदमी की ज़ात अजीब-ओ- गरीब है;
कब आदमी को दोस्तो! भाता है आदमी;
दुनिया से ख़ाली हाथ कभी लौटता नहीं;
कुछ राज़ अपने साथ ले जाता है आदमी………!!!!
गहन प्रेम मापता नहीं है, देता है.
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं….
कुछ सकारात्मक कहें और करें जिससे स्थिति में मदद मिले; शिकायत करने में दिमाग नहीं लगता.
आप इस में खुद ही जल भुन जाएँ.
जो तेज भागते हैं, उन्हें ठोकर लगती है.
रास्ता है गर सही, तो मंजिल भी पास है.