Collection of Thought 282
चिंता का दिन एक हफ्ते के काम से ज्यादा थका देने वाला होता है.
चिंता का दिन एक हफ्ते के काम से ज्यादा थका देने वाला होता है.
ढ़ूंढ़ रहे दुनियाँ में कमियां, अपने मन में ताके कौन ?
सबके भीतर दर्द छुपा है, उसको अब ललकारे कौन ?
दुनियाँ सुधरे सब चिल्लाते, खुद को आज सुधारे कौन ?
पर उपदेश कुशल बहुतेरे,खुद पर आज विचारे कौन ?
हम सुधरें तो जग सुधरेगा, यह सीधी बात उतारे कौन ?
प्रेम ही एक ऐसी शक्ति है जो शत्रु को मित्र में बदलने में सक्षम है.
फूट फूट कर फिर रोने को मन करता है,
मन पागल है, कुछ भी खोने से डरता है,
जो खोया है फिर पाने को मन करता है.
क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं.
तुम कभी अपने ख़यालात बदल कर देखो.
सफलता पिछली तैयारी पर निर्भर करती है, और ऐसी तैयारी के बिना असफलता निश्चित है.