सुविचार 4562
हीरा परखने वाले से, पीड़ा परखने वाला ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.
बुरा नहीं हूं मैं, बस अपनों की मेहरबानी है.
गुजरी हुई बहार की एक यादगार हूँ.
_ जब तक हम उलझन को सुलझाने का प्रयास नहीं करते.
इस दौर में जीने की सज़ा कम तो नहीं है.
तब ही से दूर बैठा हूं सब से…
लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की.