मस्त विचार 4537
कई बार हम खुली आँखों से उतना सब नही देख पाते
जितना आँखें बंद करके देख लेते हैं.
जितना आँखें बंद करके देख लेते हैं.
पर जो गिरा है उसे उठाने के लिए कोई नही झुकना चाहता.
जबकि इस भाग-दौड़ का मक़सद, एक स्थायी पते की तलाश था.
कि वो तुम्हारे बगैर ही जीना सीख जाए.
कल्पना और क्रोध मानव शरीर को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं, _ सहनशीलता सबसे बड़ी मानवीय संपत्ति है.
_ संगीन हकीकत है दुनिया, यह कोई सुनहरा ख्वाब नहीं.!!