मस्त विचार 890

दुनिया रिश्तों पर चल रही है – खून के रिश्ते, दोस्ती के रिश्ते,

सामजिक रिश्ते और मानवता का नाता.

इन चार कैटेगरी में सारे रिश्ते आ जाते हैं

और इन्ही के इर्दगिर्द हम जीवन गुजार लेते हैं.

मस्त विचार 889

तुम्हारे आते ही बदल जाता है सब कुछ.

दुख उठ कर चला जाता है कहीं,

उदासी घुल जाती है ख़ुशी की रोशनी में.

खाली खाली सा मेरा मन भर उठता है खुशी से.

तुम्हारे आते ही बदल जाता है सब कुछ.

मस्त विचार 888

मुझसे नफरत तभी करना,

जब आप मेरे बारे में सब कुछ जानते हों.

तब तक नहीं, जब किसी से सुना हो.

मस्त विचार 887

चाहते हो भीगना बरसात में, तो मेरी इन आँखों में देखो,

ये बरसात तो सबके लिए होती है, लेकिन ऐ मेरे यार ये आँखें,

सिर्फ तुम्हारे लिए रोती हैं.

सुविचार – ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है – 1006

** ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है, क्या तेरा कोई स्थायी पता है ?

_ क्यों बन बैठा है अन्जाना, आखिर क्या है तेरा ठिकाना.
_ कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको, पर तू न कहीं मिला मुझको.
_ ढूंढा ऊँचे मकानों में, बड़ी बड़ी दुकानों में.
_ स्वादिष्ट पकवानों में, चोटी के धनवानों में.
_ वो भी तुझको ढूंढ रहे थे, बल्कि मुझको ही पूछ रहे थे.
_ क्या आपको कुछ पता है, ये “सुख” आखिर कहाँ रहता है ?
_ मेरे पास तो दुःख का पता था, जो सुबह शाम अक्सर मिलता था.
_ परेशान होके रपट लिखवाई, पर ये कोशिश भी काम न आई.
_ उम्र ढलान पे है, हौसले थकान पे है.
_ हाँ उसकी तस्वीर है मेरे पास, अब भी बची हुई है आस.
_ मैं भी हार नहीं मानूंगा, सुख के रहस्य को जानूंगा.
_ बचपन में मिला करता था, मेरे साथ रहा करता था.
_ पर जबसे मैं बड़ा हो गया, मेरा सुख मुझसे जुदा हो गया.
_ मैं फिर भी नहीं हुआ हताश, जारी रखी उसकी तलाश.
_ एक दिन जब आवाज ये आई, क्या मुझको ढूंढ रहा है भाई ??
_ मैं तेरे अंदर छुपा हुआ हूँ, तेरे ही घर में बसा हुआ हूँ.
_ मेरा नहीं है कुछ भी मोल, सिक्कों में न मुझको तोल.
_ हर पल तेरे संग रहता हूँ, और अक्सर तुझसे कहता हूँ.
_ मैं तो हूँ एक अहसास, बंद कर दे मेरी तलाश.
_ जो मिला उसी में संतोष कर, आज को जी ले कल की न सोच.
_ कल के लिए आज को न खोना.
_”मेरे लिए कभी दुखी न होना, मेरे लिए कभी दुखी न होना.!!”
** सुख और खुशी कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ पहुँचा जा सके.

_ सुख औ खुशी एक दृष्टि है..- जीवन को देखने का एक तरीका है.
_ जब तक हम इसे बाहर खोजते रहेंगे, हम हमेशा खाली हाथ लौटेंगे..
_ और जिस दिन हम अपने भीतर देखना शुरू करेंगे, उस दिन हम समझ जाएंगे..
_ सुख औ खुशी कहीं नहीं जाते ; बल्कि हम ही उससे दूर रहते हैं.!!

मस्त विचार 886

अब तुझे रोज़ ना सोचें तो तड़प उठते हैं हम…….!

अब आदी हो चुके हैं तेरी यादों का नशा करते-करते ……!!

मस्त विचार 884

ज़िन्दगी तेरे साये में लोग रोज घुट- घुट कर मरते हैं,

ना जाने क्यूँ फिर भी लोग जीना तुझी को कहतें हैं.

मस्त विचार 883

ज़िन्दगी और मौत के बीच होने वाली हलचल का नाम ही ज़िन्दगी है.

कुछ लोग हमारे जीवन में केवल हलचल मचाने के लिए आते हैं, कुछ कहने नहीं..
_ कुछ जगाते हैं, फिर आगे बढ़ जाते हैं.!!

सुविचार – अंतर्मुखी लोगों की विशेषताएं – 1005

अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —

1. वह अपने आप पर भरोसा ज्यादा करते हैं. बहिर्मुखी व्यक्ति के लिए लोगों से दूर रहना मुश्किल होता है. इसलिए वह दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहता है.
2. अंतर्मुखी दूसरों की बातों को ज्यादा ध्यान से सुनते हैं. दूसरों को सुनने की फितरत संबंधों को प्रगाढ़ बनाती है. वहीं बहिर्मुखी पहले अपनी बात कहने की कोशिश करते हैं.
3. अंतर्मुखी व्यक्ति कभी भी अपने को आकर्षण के केंद्र में नहीं रखना चाहता है. उनका यह नेचर उन्हें अपने काम पर फोकस करने में मदद करता है. बिना लाइम लाइट में आये, वह अपने आइडिया को जमीन पर उतारने में लगे रहते हैं. अंतर्मुखी व्यक्ति भावनात्मक बौद्धिकता के धनी होते हैं. सफलता या असफलता उन्हें जल्दी प्रभावित नहीं करती है. इसलिए अगर आप अंतर्मुखी हैं तो अपनी ताकत को पहचानिए. लोग कह सकते हैं कि इस तरह का व्यक्ति सफल नहीं हो सकता है. ऐसा कहने वालों को आपकी ताकत का अंदाजा नहीं है क्योंकि आपका व्यक्तित्व उन्हें आपके भीतर झांकने की इजाजत नहीं देते हैं.
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