सुविचार – चार छोटी सी बातें – 1010
1. अपनी जरूरतों को मिनिमाइज कर लें, दूसरों को दिखाने की प्रवृत्ति बन्द कर दें.
2. सुबह जल्दी उठना शुरू कर ध्यान- प्राणायाम- योगासन और जोगिंग करना शुरू कर दें, नैचरोपैथी फ़ौलो करें.
3. प्रोपर्टी में इन्वेस्ट सिर्फ अपनी जरुरत जितनी ही करें, ज्वैलरी पहनना बन्द कर दें.
4. यथासंभव दूसरों की सहायता करें, सबका भला सोचें.
……….ये बातें हैं तो बहुत छोटी- सी, साधारण सी ही हैं, लेकिन यदि सच्चे मन से जीवन में उतार लिया जाए तो आपके जीवन की धारा ही बदल कर रख देगी.
मस्त विचार 895
क्यों कि सुधरना मुझे हैं उस को नही.
मस्त विचार 894
मौन शब्दों से, नजरों की जुबां से, बातों को होने दो.
मस्त विचार 893
मेरे रहते तुम उदास हो, अच्छी बात नहीं है.
मस्त विचार 892
क्योंकि उन्हें अच्छाइयों कि दिव्यता का,
ना तो ज्ञान होता है और ना अनुभव.
मस्त विचार 891
दुनिया का चेहरा, बड़ी गहराई से दिखलाया है. एक- एक रिश्ते की अहमियत को, बड़े प्यार से समझाया है. रिश्तों की असलियत दिखा कर, उस ने अपना प्यार मेरे मन में जगाया है. हर रस्ते पे उस ने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे तूफानों से बचाया है. क्या गुण गाऊं उस के, जिस ने मुझ जैसे को भी गले लगाया है. मैंने यार ऎसा पाया है, जिस ने मुझे जीना सिखाया है.
सुविचार – *उठियें* जल्दी घर के सारें – 1009
*लगाइये* सवेरे मंजन, रात को अंजन.
*कीजियें* मालिश तीन बार, बुध, शुक्रवार और सोमवार.
*नहाइए* पहले सिर, हाथ पाँव फिर.
*खाइयें* दाल, रोटी, चटनी कितनी भी हो कमाई अपनी.
*पीजिये* दूध खड़े होकर, दवा पानी बैठ कर.
*खिलाइये* आयें को रोटी, चाहें पतली हो या मोटी.
*पिलाइए* प्यासे को पानी, चाहे हो जावे कुछ हानि.
*छोडियें* अमचूर की खटाई, रोज की मिठाई.
*करियें* आयें का मान, जाते का सम्मान.
*सीखियें* बड़ो की सीख और बुजुर्गों की रीत.
*जाईये* दुःख में पहले, सुख में पीछे.
*ब्याहियें* ऐसी नार से, जो घर में रहे प्यार से.
*परखिये* चाहे सबको, छोड़ देना माता को.
*धोइये* दिल की कालिख को, कुटुम्ब के दाग को.
*सोचिएं* एकांत में, करो सबके सामने.
*बोलिएं* कम से कम, कर दिखाओ ज्यादा.
*चलियें* तो अगाड़ी, ध्यान रहे पिछाड़ी.
*सुनियें* सबो की, करियें मन की.
*बोलियें* जबाब संभल कर, थोडा बहुत पहचान कर.
*सुनियें* पहले पराएं की, पीछे अपने की.
*रखियें* याद कर्ज के चुकाने की, मर्ज के मिटाने की.
*भुलियें* अपनी बडाई को और दूसरों की भलाई को.
*छिपाइएं* उमर और कमाई चाहे पूछे सगा भाई.
*लिजियें* जिम्मेदारी उतनी, सम्भाल सके जितनी.
*धरियें* चीज जगह पर, जो मिल जावें वक्त पर.
*उठाइये* सोते हुए को नहीं गिरकर गिरे हुयें को.
*लाइयें* घर में चीज उतनी काम आवे जितनी.
सुविचार – हमेशा खुश रहना चाहते हैं तो .. – 1008
●वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति के पास अतिरिक्त कार्य है और कार्य को समय पर पूरा करने का प्रेशर भी. काम समय पर पूरा न हो पाने पर मानसिक तनाव होना सामान्य बात है.
● व्यक्ति तनाव में घर जाता है और फिर घर की परेशानी से और तनावग्रस्त हो जाता है. तनाव जीवन का नाश करता है, इससे दूर ही रहें तो अच्छा है. तनाव दूर करने के लिए कुछ आसान उपाय हम आपको बता रहे हैं, आप उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करें.
1) सूर्योदय से पहले उठें, घूमने जाएं, हल्का व्यायाम या योग करें.
2) प्रातःकाल व सोते समय 15 मिनट रब का ध्यान करें.
3) स्वयं को जानें, अपनी प्रतिभा, क्षमता व सीमाओं को पहचानें.
4) हमेशा सकारात्मक चिंतन करें, नकारात्मक सोच से ऊर्जा नष्ट होती है.
5) जो है, उस पर संतोष करें व कर्म करने में पूर्ण विश्वास रखें.
6) उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ काम करें, व्यवस्थित दिनचर्या की आदत डालें.
7) सदैव वर्तमान में जीएं, भूत व भविष्य की व्यर्थ चिंता से बचें.
सदैव प्रसन्नचित्त रहें, हंसते-हंसते जीना सीखें.
8) सादा व सरल जीवन जीएं, जीवन में गुणवत्ता पर विश्वास रखें, दिखावे से बचें.
9) हॉबीज (hobbies) विकसित करें. समय की पाबंदी का खयाल रखें. हमेशा वाणी पर संयम रखें. धैर्य व आत्मनियंत्रण रखें. परिवार के साथ छुट्टियां मनाएं.
10) अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन के लिए श्रेष्ठ धन है. दूसरों से स्वयं की तुलना करने से बचें. कम तथा सच्चे मित्र बनाएं.
इन बातों को जीवन में शामिल करने, व्यवहार में लाने में शुरू में परेशानी हो सकती है,
परंतु कुछ समय बाद आप महसूस करेंगे कि आप तनावरहित एवं सुखी हो गए हैं.



