हम कभी फिसले ही नहीं, इस में बड़प्पन नहीं है. बड़प्पन इस में है कि जब जब हम फिसलें, तब तब उठ खडें हों.
सुविचार 986
हमें हमेशा लगता है कि सब कुछ असंभव है. जब हम कर गुजरते हैं तो खुद पर आश्चर्य होता है कि क्या ये हम थे जो सब कुछ कर गए.
मस्त विचार 870
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है….
सुविचार 985
अगर आप बिना प्यार के काम करते हैं, तो आप गुलाम की तरह काम कर रहे हैं, _ जब आप प्यार से काम करते हैं तो, _ आप एक सम्राट की तरह काम करते हैं.
आप का काम ही आप की ख़ुशी है, आप का काम ही आप का नृत्य है..!!
मस्त विचार 869
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है..” किताब लेकर… रोज मैं ढूँढता हूँ जवाब…..
जिंदगी है क़ि रोज…’सिलेबस’ के बाहर से ही पूछती है…
“जब से परीक्षा वाली जिंदगी पूरी हुई है,
सुविचार 984
समस्याओं के तह तक नहीं जाने के कारण ही परेशानियाँ शुरू होती हैं.
अच्छे विशेषज्ञ किसी भी मामले की तह तक जाकर सलाह देते हैं और यही उनकी विशेषता होती है.
मस्त विचार 868
जीवन का होना प्रसन्न होने के लिए काफी है.
हम जीवित हैं,
यह पर्याप्त कारण है मन के प्रसन्न होने के लिए
और होठों पर मुस्कान रखने के लिए.
मस्त विचार 867
कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो … रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से, बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…
कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,
मस्त विचार 866
तू हमें भुलाना सीखा दे, हम तुझे याद करना सीखा देते हैं.
तुझे याद करना नहीं आता, हमें भुलाना नहीं आता.
सुविचार 983
सरल को कठिन बनाना आसान है लेकिन कठिन को सरल बनाना मुश्किल, जो कठिन को सरल बनाना जानता है वो व्यक्ति विशेष होता है.





