मस्त विचार 944
अब मजा देने लगी है, ज़िंदगी की मुश्किलें.
सुविचार – U N C L E – 1043
सुविचार – ज़िंदगी को बहुत सीरियसली लिया मैंने… – 1042
हर बात के अर्थ निकाले …
हर ख़ामोशी समझी …
हर आँख को पढ़ा मैंने …
अंत में जाना ..
जीवन सहज होने में है, यूँ ही जीने में है …
जंग नहीं खेल है ..
कोई फर्क नहीं पड़ता हार जाने से …
न फर्क पड़ता गिर पड़ने से …
उठो कपड़े झाड़ो चल पड़ो …
न बोझ बनो किसी पर ..
न किसी को बोझ बनाओ ..
जितना मिले नाचो गाओ ..
कभी मन करे तो चुप हो जाओ ..
पर अब हर बात में अर्थ न ढूंढो ..
मस्त विचार 943
जिसका दिल भरता गया, वो हमें छोड़ता गया.
मस्त विचार 942
जो आज है उसे जी कर तो देख, आने वाला पल खुद ही सँवर जाएगा एक बार मेरे यार को याद कर के तो देख.
मस्त विचार 941
जो जवाब मांगने निकला तो, खुद को सवालों से घिरे पाया, सोचा, लोगों को उनकी असलियत बता दूँ, जब देखा सामने तो, खुद को आइने के सामने पाया. परेशानी का सबब बनना है आसान, रास्ता निकालना जरा है मुश्किल. सबके साथ चल, सबकी बात कर, साथी हैं सब सफर के. तंग है तो क्या मलाल है. आज है गम तो, कल खुशहाल है. सुख-दुख तो मौसम हैं जीवन के, बदल जायेगा मौसम, रात ऋतु के बदलते. रोता हुआ आया था, रुलाते हुए जाना है. सबकी ख़ुशी में शरीक हो ले, कट जाएगा रास्ता, फिर हँसते-हँसते. जो हासिल है, वो भी कम तो नहीं. बन जा सहारा किसी डूबते का, चाहे खुद को तिनका समझ कर. Pk
सुविचार – 1041
Quotes by प्लूटार्क
Quotes by गुलज़ार
पहले उम्र नहीं थी अब उम्र नहीं रही.
जिन्दगी तू तो बता सफर और कितना बाकी है…
ज़्यादा झुक के मिलो तो दुनिया पीठ को पायदान बना लेती है
पर जिन्दगी को अमीर बना देते हैं
अब हर बात पे जंग हो यह जरूरी तो नहीं
वो भी सहने वालों पर फ़िदा है..
बस हम गिनती उसी की करते हैं जो हासिल ना हो सका
ये गुनाह हमने इक बार किया
कमबख्त, पूरी होते ही बदल जाती हैं..
ये जरूरतें तो कभी खत्म नहीं होंगी
तुमने आना छोड़ दिया लेकिन मैंने इंतजार करना नहीं छोड़ा
एक बार खैरियत तो पूछ के देखिए
शायद जरूरतों ने ऊंची आवाज में बात की होगी
मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारे बहुत थी
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते..
सुबह उठते ही इन्हें फिर से गले लगाना है.
जाले लग जाते हैं अक्सर बंद मकानों में..





