मस्त विचार 847
किसी को नसीहत देने के लिए जितनी अक्ल चाहिए,
नसीहत से फायदा उठाने के लिए उस से कहीं ज्यादा अक्ल चाहिए.
नसीहत से फायदा उठाने के लिए उस से कहीं ज्यादा अक्ल चाहिए.
जो मैं नहीं हूँ वैसा दिखने का, सलीका मुझे नहीं आता.
दिल में कुछ और जुबां पे कुछ
ये बाजीगरी का कमाल मुझे नहीं आता.
और जब करने वाले लग जाते है तो वो हकीकत हो जाती है.
हर हकीकत शुरू में एक सपना होती है,
फ़िर नयी जैसी लगेगी… …. ज़िन्दगी ही तो है…!
ज़रा सा रफू करके देखिये ना,
सुंदर विचारों से पोषित _ एक सुंदर मन से _ एक सुंदर जीवन खिलेगा.
आपके कार्य हमेशा आपके शब्दों से अधिक जोर से बोलते हैं.