Collection of Thought 105
यदि छोटे – छोटे बुरे जीवाणु आपके शरीर में प्रवेश करते हैं — तो शरीर बीमार हो जाता है, _ उस मन का क्या कहें जो बुरी इच्छाओं के लाखों जीवाणुओं को समेटे हुए है, ऐसा मन स्वस्थ कैसे रह सकता है ?
यदि छोटे – छोटे बुरे जीवाणु आपके शरीर में प्रवेश करते हैं — तो शरीर बीमार हो जाता है, _ उस मन का क्या कहें जो बुरी इच्छाओं के लाखों जीवाणुओं को समेटे हुए है, ऐसा मन स्वस्थ कैसे रह सकता है ?
केवल एक ही सफलता है- अपने जीवन को अपने तरीके से व्यतीत करने में सक्षम होना.
दूसरों की खातिर अपनी मौलिकता कभी न बदलें,_ क्योंकि आपकी भूमिका को आपसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता,_ तो खुद बनो, क्योंकि तुम जो भी हो, तुम सबसे अच्छे हो.
उम्र भर किसी को अपना समझना, बस मन का वहम है.
यदि आप महान ऊंचाइयों को प्राप्त करना चाहते हैं, तो अपने विचारों का उपयोग करके ऐसा होने की कल्पना करें.
जब बरसी ख़ुशियाँ न जाने भीड़ कहां से आ गयी..!!
स्वयं का बचाव करने के लिए ..कभी भी दूसरों पर दोषारोपण न करें, _ क्यों कि समय के पास…..सत्य को प्रकट करने का अपना तरीका है.
_ वे उसका बचाव करते हैं..जिससे उन्हें फायदा होता है..!!