सुविचार 992
मनुष्य का दृष्टिकोण ही मुख्य होता है, आप अच्छे ढंग से लें तो अच्छा सामने आएगा, बुरे ढंग से लें तो बुरा सामने आएगा.
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है….
आप का काम ही आप की ख़ुशी है, आप का काम ही आप का नृत्य है..!!
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है..” किताब लेकर… रोज मैं ढूँढता हूँ जवाब…..
जिंदगी है क़ि रोज…’सिलेबस’ के बाहर से ही पूछती है…
“जब से परीक्षा वाली जिंदगी पूरी हुई है,