सुविचार 980
गुणी मनुष्य अपनी प्रशंसा स्वयं नहीं करते बल्कि दूसरों से अपनी प्रशंसा सुन कर नम्र हो जाते हैं.
वहां से किसी का अपमान मत करना. ये वक़्त बहोत दगाबाज है, कब पलटी मार दे ये पता नहीं चलता.
आज आप जिस ऊंचाई पर हो,
लोग हमें रुलाना नहीं छोड़ते, और हम हंसना नहीं छोड़ते…
नफरत के बाजार में, जीने का एक अलग ही मजा है…
The fact of life is that we will have to forgo everything that we acquire in this world.
और अपने व लोगों के बारे में सिर्फ अच्छा बोलें, देखिए दुनिया कितनी सुन्दर हो जाती है.
खुश रहने की कोशिश करें, अच्छी चीजें देखें. अच्छे गाने सुनें