सुविचार 4351
गुस्सा बहुत ही चतुर होता है, अक्सर अपने से कमजोर व्यक्ति पर ही निकलता है.
तो कोई आंनद आपको सन्तुलित संतुष्टि नही दे सकता….
लेकिन अब लोग अच्छे बनते हैं …. फर्क है ना …जनाब..
कभी हार मत मानो _ शुरुआत हमेशा सबसे कठिन होती है.
ऐसा ” कर्ज ” जो आपको किसी और से अवश्य मिलेगा..
मंज़िलों की फितरत है खुद चलकर नहीं आतीं..
दूसरों को कहने से बेहतर अब चुप रहना है.
_आज नहीं तो कल उसको दुगुना मिलता है, और इसका भुगतान व्यक्ति को आगे के समय में करना पड़ सकता है…!