मस्त विचार 766
मुहब्बत कर लेते…..मै खुद ही हार जाता.
वो दुश्मन बन कर….मुझे जीतने निकले थे.
मुहब्बत कर लेते…..मै खुद ही हार जाता.
वो दुश्मन बन कर….मुझे जीतने निकले थे.
उस से सुविधाएँ ले सकते हैं, थोड़ा आराम ले सकते हैं — सुख शान्ति नहीं.
आप बहुत सारा पैसा इकट्ठा करके,
तथा सोचने से महसूस करने की ओर बढ़ने से है.
वही व्यक्ति शान्त होता है, जिसके अन्दर दूर दृष्टि हो.
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है..!!”
“जिसके लफ़्ज़ों में हमे अपना अक्स मिलता है,