सुविचार 826
कोई भी आदमी इतना महत्त्वहीन नहीं होता कि उस का उदाहरण दूसरों के सामने न रखा जा सके.
मन- मस्तिष्क में उमड़- घुमड़ कर ही शांत नहीं होते, वे हम से वैसे ही गंदे एवं निरुपयोगी काम भी करा डालते हैं. भले इस से बाद में हमें शर्मिंदगी उठानी पड़े.
गंदे एवं निरुपयोगी विचार……..
ग़लतफ़हमी में पैदा होने वाले सवालों का जवाब खुद ही बना लेता है.
रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान
सारे आँसू दूर हो गए, ये तेरी ही बदौलत है ऐ मेरे यार, हम काँच से कोई कोहिनूर हो गए.
तेरी हँसी मे हँसे तो