मस्त विचार 869
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है..” किताब लेकर… रोज मैं ढूँढता हूँ जवाब…..
जिंदगी है क़ि रोज…’सिलेबस’ के बाहर से ही पूछती है…
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है..” किताब लेकर… रोज मैं ढूँढता हूँ जवाब…..
जिंदगी है क़ि रोज…’सिलेबस’ के बाहर से ही पूछती है…
कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो … रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से, बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…
तू हमें भुलाना सीखा दे, हम तुझे याद करना सीखा देते हैं.
अगर आपके दिल में किसी और की देखभाल करने की इच्छा है, तो आप सफल होंगे.
दुनिया की नज़र है, मेरी किस्मत तो नहीं…..