सुविचार 839
मस्त विचार 773
अफ़सोस करने से बेहतर होगा कि, यह सोचें कि आप उस स्थिति को बेहतर में परिवर्त्तित करने के लिए, क्या कर सकते हैं.
मस्त विचार 772
ज़माना मेरे गिरेबान में झाँकता क्यूँ हैं.
मस्त विचार 771
ठीक उसी समय उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का विश्वास उठ जाता है.
सुविचार 838
सुविचार 837
सुविचार 836
मस्त विचार 770
इसी भ्रम में आज कल घूम रहा इंसान.
मस्त विचार 769
ढले हुए सूरज को निकलने में वक्त लगता है !
थोड़ा धीरज रख, थोड़ा और जोर लगाता रह,
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को खुलने में वक्त लगता है !
कुछ देर रुकने के बाद फिर से चल पड़ना दोस्त,
हर ठोकर के बाद संभलने में वक्त लगता है !
बिखरेगी फिर वही चमक तेरे वजूद से तू महसूस करना,
टूटे हुए मन को संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !
जो तूने कहा कर दिखायेगा रख यकीन,
गरजे जब बादल तो बरसने में वक्त लगता है !
खुशी आ रही है और आएगी ही, इन्तजार कर,
जिद्दी दुख को टलने में थोड़ा सा वक्त तो लगता है.




