मस्त विचार 660
आज हमारे विचार कैसे होंगे ? पूछें अपने आप से ?
रोज हम सुबह उठते ही ड्रेस सिलेक्ट करते हैं, आज कौन सी ड्रेस पहननी है. क्या हम सुबह उठते ही अपने विचारों को भी सिलेक्ट करते हैं,
आज हमारे विचार कैसे होंगे ? पूछें अपने आप से ?
रोज हम सुबह उठते ही ड्रेस सिलेक्ट करते हैं, आज कौन सी ड्रेस पहननी है. क्या हम सुबह उठते ही अपने विचारों को भी सिलेक्ट करते हैं,
जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएं..!!!
हर इंसान मुँह पर अपना दिखता है और पीठ पीछे वार कर देता है.
कर्मों का तूफ़ान पैदा करें, सारे दरवाजे खुल जायेंगे.! परिस्थितिया जब विपरीत होती हैं, तब “प्रभाव और पैसा” नहीं “स्वभाव और सम्बंध” काम आते हैं.
भाग्य के दरवाजे पर, सर पीटने से बेहतर है,