मस्त विचार 651
मगर जो जिंदा हैं उसे समझने वाला एक भी नही मिलेगा……।
मगर जो जिंदा हैं उसे समझने वाला एक भी नही मिलेगा……।
हारने के बाद भी खड़ी रहती है….यह ज़िन्दगी सचमुच बड़ी होती है.
फिर करीब से कुछ चेहरे पढ़े…
और न जाने…कितने सबक सीख लिए…!!
कठिनाई हार गई मुझ से, पर मै तो ना बिलकुल बिखरा. पैसों की भी देखी तंगी, बीमारी भी आई नंगी. मै झेल गया विपदा सारी, पर ना मैंने हिम्मत हारी. ना इन सबने लाचार किया, मैंने हर सपना साकार किया. जीवन जीने की शैली को, मैंने एक नया आकार दिया.
……आँख खुले तो सामने तू नजर आए.
ना मिला तू, तो मै थक कर आ गया घर में, घर में कदम रखते ही, लगा मेरे पीछे ही आ गया तू, मिला तू मुझे मेरे ही में, मै शायद भूल गया और बेवजह निकल पड़ा बाहर, तू मिल गया मुझे मेरे ही में .