सुविचार 713
तोङना तो सभी लोग कर सकते हैँ पर गढना कितने लोग कर पाते हैँ ? निन्दा, उपहास तो सभी लोग कर सकते हैँ, लेकिन किसी को अच्छा कैसे बनाया जाय, यह कितने लोग बता सकते हैँ ?
यहाँ तो हर कोई वफा की उम्मीद दे कर बेवफाई कर जाता है.
मिलती है कहाँ वफा ज़रा हमे भी तो बताओ दोस्तों
अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”
हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!
व्यक्ति समय के अनुसार बदलता है.
सुकून ढूंढने चले थे और नींद ही गँवा बैठे.
अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफ़िला ज़िन्दगी का,