सुविचार 713

तोङना तो सभी लोग कर सकते हैँ पर गढना कितने लोग कर पाते हैँ ? निन्दा, उपहास तो सभी लोग कर सकते हैँ, लेकिन किसी को अच्छा कैसे बनाया जाय, यह कितने लोग बता सकते हैँ ?

मस्त विचार 621

 मिलती है कहाँ वफा ज़रा हमे भी तो बताओ दोस्तों

यहाँ तो हर कोई वफा की उम्मीद दे कर बेवफाई कर जाता है.

मस्त विचार 620

हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!

अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”

सुविचार 711

जीवन का नाम है आगे बढ़ना, लेकिन कुछ लोग पिछली बुरी घटनाओं को याद रख कर अपना वर्त्तमान और भविष्य दोनों ख़राब कर देते हैं.

सुविचार 710

किसी की कोई एक ग़लती के कारण उससे सम्बन्ध मत तोड़ो,

व्यक्ति समय के अनुसार बदलता है.

सुविचार 709

अच्छे कार्य का प्रयास कितना भी छोटा हो, लेकिन बहुत मूल्यवान होता है.

सुविचार 708

मनुष्य का अंतःकरण उसके आकार, संकेत, गति, चेहरे कि बनावट, बोलचाल तथा आँख और मुख़ के विकारों से मालूम पड जाता है.

सुविचार 707

जीवन का सबसे बड़ा सबक यह है कि एक हाथ से देने वाला दो हाथों से पाता है और यह सूत्र सौ फीसदी सत्य है. यदि हम किन्हीं मुश्किलों से उबरे हैं और कोई साथी उन्ही मुश्किलों से दो- चार है तो क्यों न उसे इनसे निपटने का मन्त्र दे दें ? आखिरकार सफल होने के लिए आप भी तो अपने वरिष्ठों से यही चाहते हैं.
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