मस्त विचार 618
ज़िन्दगी में बहुत सबेरे हैं, और थोड़े से बस अँधेरे हैं.
किस लिए गम तेरे घनेरे हैं, मुस्कुराने से किस ने रोका है,
ज़िन्दगी में बहुत सबेरे हैं, और थोड़े से बस अँधेरे हैं.
किस लिए गम तेरे घनेरे हैं, मुस्कुराने से किस ने रोका है,
वर्ना – दुनिया में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफी है.
हम भूल जाते हैं कि ये हरकतें बड़ा नहीं, बल्कि हमें छोटा साबित करती हैं.
हर मुश्किलें अपना हल खुद ढूंढ लेती हैं.