मस्त विचार 562

क्या फर्क पड़ता है, हमारे पास कितने लाख, कितने करोड़, कितने घर, कितनी गाड़ियां हैं, खाना तो बस दो ही रोटी है। जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है.

फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये, कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए …!!

मस्त विचार 561

समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता हैं….

लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..

सुविचार 613

अपनी ऊर्जा को मानसिक शान्ति के साथ, खुद के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए.

सुविचार 611

सफलता और महानता किसी की बपौती नहीं है. इन्हें तो वे ही प्राप्त करते हैं, जो प्रार्थना के अनुरूप पुरुषार्थ, प्रेरणा के अनुकूल परिश्रम करते हैं.

सुविचार 610

पूरी ज़िन्दगी एक जोख़िम है और सामान्यतः इसमें आगे वही निकल पाता है, जो अपने कर्म के साथ जोख़िम उठाने के लिए तत्पर रहता है.

मस्त विचार 559

दाग तेरे दामन के धुले ना धुले,

नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,

मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,

क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले ?

सुविचार 609

हार के बाद जीतने की इच्छाशक्ति, गिरने के बाद उठ खड़े होने की मानसिकता और सबसे बड़ी बात, विपरीत परिस्थितियों में बिना धीरज खोए, आगे बढ़ने की चाहत होनी चाहिए.
error: Content is protected