मस्त विचार 628
कल और भी बदतर होगा, लेकिन परसों धूप खिलेगी.
कल और भी बदतर होगा, लेकिन परसों धूप खिलेगी.
ना सीधी हाँ बोलते हैं ना सीधी ना बोलते हैं….!
जिसमे दिखे फायदा अपना, बस वही मीठी मीठी जुबां बोलते हैं…!!
भले चंद लम्हों की दे ..लेकिन “बेमिसाल” दे.
खबर ही ना थी कि तुम मेरी रूह में समाये हुए हो.
यार मेरे हम और करीब आ जाएँ तो अच्छा है. जमाने की परवाह करेंगे तो जी न पाएंगे. आ जाओ यह रिश्ता हम निभाएं तो अच्छा है.
ताकि वह आगे भी अच्छा काम करते रहने के लिए प्रेरित हो.
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उन के लिए ख़राब समय कभी भी आ सकता है.
उत्साह को कभी भी वृद्ध नहीं होना चाहिए.