सुविचार – जिन्दगी का सफ़र, हैं ये कैसा सफ़र – 1024

जिन्दगी का सफ़र, हैं ये कैसा सफ़र

_ कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं
_ है ये कैसी डगर, चलते हैं सब मगर
_ कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं
_ जिन्दगी को बहोत प्यार हम ने किया
_ मौत से भी मोहब्बत निभायेंगे हम
_ रोते रोते जमाने में आये मगर
_ हंसते हंसते जमाने से जायेंगे हम
_ जायेंगे पर किधर, हैं किसे ये खबर
_ कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं
_ ऐसे जीवन भी हैं जो जिए ही नहीं
_ जिनको जीने से पहले ही मौत आ गयी
_ फूल ऐसे भी हैं जो खिले ही नहीं
_ जिनको खिलने से पहले खिजा खा गयी
_ है परेशान नजर, थक गए चार अगर
_ कोई समझा नहीं, कोई जाना नही.!!
सफ़र कभी खत्म नहीं होता.. जीवन चूकते जाता है आहिस्ता आहिस्ता..
_ हम बीतते जाते हैं.. और एक दिन सब यहीं रह जाता है.!!
ये तस्वीर सिर्फ़ एक सफ़र नहीं, हौसले, जज़्बे और सपनों की कहानी है 🚴‍♂️🌧️

_ बारिश, ठंडी हवा और लंबा रास्ता… फिर भी चेहरे पर मुस्कान और दिल में जुनून 💙
_ क्योंकि असली खुशी मंज़िल में नहीं, हर मुश्किल को पार करते सफ़र में मिलती है ✨
_ आज की थकान, कल की सबसे बड़ी जीत बनेगी. 💪
– Cycle Baba
“उड़ना है तो डरना कैसा? पानी गहरा हो या रास्ता फिसलन भरा… कोशिश जारी रखो!” 😄

और हम इंसान छोटी-छोटी बातों पर टेंशन ले लेते हैं ! 😂
सीख यही है –
हालात कैसे भी हों, अपने हौसलों को गीला मत होने दो. 🕊️
– Cycle Baba[/su_quote
सपने बड़े रखो, दिल शांत रखो, और सफर का मज़ा लो…

_ शहर बदले या हालात, हिम्मत मत बदलना.
– Cycle Baba
जिंदगी भी कभी-कभी ऐसे ही जकड़ लेती है —

EMI 🧾, जिम्मेदारियाँ 🏠, सपने ✨ और लोगों की बातें 😅
पर असली खिलाड़ी वही है जो कहे —
“लिपटो जितना लिपटना है… मैं फिर भी आगे बढ़ूंगा!” 🚴‍♂️🔥
– Cycle Baba
एयरपोर्ट की भीड़ में खड़ा था… ✈️ चारो तरफ लोग थे, घोषणाएं थीं, उड़ानें थीं…

_ पर मेरे अंदर सिर्फ खामोशी चल रही थी.
_ कभी सोचा नहीं था कि एक दिन सफर सिर्फ जगह बदलने का नहीं, खुद को समझने का ज़रिया बन जाएगा.
_ इस फोटो में मेरा हाथ “बाय” बोल रहा है…पर असली में ये उन दोस्तों को अलविदा था, जो सालों से अंदर छुपे बैठे थे.
_ सफ़र ने एक बात सिखा दी – इंसान जब घर से बाहर निकलता है ना, तब सिर्फ दुनिया नहीं देखता… वो अपने अंदर के टूटे हुए हिस्सों से भी मिलता है.
_ कई बार flights लेट हुई, plans खराब हो गए, पैसे कम पड़े, language समझ नहीं आई… पर हर problem ने एक नया version बना दिया.
_ और मजेदार बात ये है 😅 airport पर सब लोग अपनी flight पकड़ने की जल्दी में थे… और मैं जिंदगी को थोड़ा धीरे समझने की कोशिश कर रहा था.
_ आज भी मंजिल [destination] से ज्यादा सुकून उन रास्तों में मिलता है, जहां इंसान खुद से मिलने लगता है.
– Cycle Baba

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