सुविचार 207

इस जीवन कि पाठ्शाला में हमें यही तो सीखना है कि समय के साथ कदम से कदम मिलाकर कैसे चला जाए, वरना हमेशा किसी न किसी बात को लेकर ऎसे ही दुःखी रहेंगे.

 

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