सुविचार – अनजान- अनजाने लोग – Unknown people – 280

और यही तो सोचने वाली बात है, कि कैसे कुछ लोग यूँ ही टकरा जाते हैं और ख़ास हो जाते हैं.!!
सार्थक संबंध बनाएं : ऐसे लोग जो आपकी आत्मा को सांस लेने में मदद करें, न कि केवल आपके अहंकार को हंसाएं और बकवास करें.!!
कभी-कभी जीवन में ऐसा भी होता है कि कोई इंसान वर्षों तक हमारी दुनिया से अनजान और गुम सा रहता है, और फिर एक दिन अचानक हमारे सामने आ खड़ा होता है,

_ हैरानी की बात यह होती है कि हम उसे पहले से नहीं जानते, फिर भी उसके आने से एक अजीब-सी परिचित अनुभूति महसूस होने लगती है…!
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम न जानते हैं, न कभी उनसे मिले होते हैं, न बात हुई होती है, न उन्हें देखा होता है- फिर भी जाने कैसे उनके लिखे हुए कुछ शब्द मन तक पहुँच जाते हैं और बिना किसी परिचय के भी एक अजीब सी तसल्ली दे जाते हैं.!!

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