इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं..
_ लेकिन, कहां क्या बोलना है, यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है.
साथ उसी का दो जिसे तुम्हारी ज़रूरत हो, ना कि उसका जो तुम्हें नज़रअंदाज़ करता हो.
_ मुश्किल वक्त में मदद का ढोंग करने वाले हमेशा आपकी गिरावट पर खुश होते है.. उन्हें समझना जरूरी है.
_भले ही बाज़ी हार जाएं.. पर दूसरों की पीठ में छुरा घोंप कर जीतने का हुनर हमें नहीं आता.
_ घर में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनों की अहमियत को मत भूलो क्योंकि बाहर की दुनिया में तुम्हें संभालने वाला कोई नहीं होगा.
_ स्वास्थ्य सबसे बड़ा सहारा है.. इसके बिना इंसान अपने रिश्तों के लिए भी भार बन जाता है.
_ अब चीज़ें पहले जैसी साफ़ नहीं दिखतीं.. पर लोग पहले से कहीं ज़्यादा साफ़ नज़र आने लगे हैं.
_ बुढ़ापा तो बस हड्डियाँ कमजोर करता है, औलाद का बेरुखा रवैया तो दिल तक को चूर-चूर कर देता है.
_ माँ-बाप सब सह लेते हैं, लेकिन जब उनकी अपनी औलाद उन्हें बोझ समझने लगे, तब उनकी आंखें नहीं.. रूह भी भीग जाती है.
_ किसी का हक छीनकर मिली खुशी कभी टिकती नहीं, वक्त सबका हिसाब चुपचाप लेता है.
_ जब सब कुछ खत्म होता दिखे, तब याद रखना कि हर रात के बाद सवेरा जरूर आता है.
_ जो रिश्ते दुख की घड़ी में साथ ना दें, उनका साथ सुख की घड़ी में भी केवल एक दिखावा होता है.
_ पैसा बड़ी से बड़ी सुविधा दे सकता है, पर जीवन नहीं लौटा सकता.
_ मन अशांत हो तो इंसान को सबसे ज़्यादा अकेलापन अपने घर में ही महसूस होता है.
_ घर केवल चार दिवारी का नाम नहीं, वहां रहने वाले और उसे बनाने वाले दोनों अगर ग़लत हों, तो वो दीवारें भी बोझ बन जाती हैं.
_ जब जरूरत खत्म हो जाती है, तब बहुत से लोग उसी सहारे को भुला देते हैं जिसने सबसे मुश्किल वक्त में उनका साथ निभाया था.
_ हम चाहे जितने भी मॉडर्न हो जाएं.. लेकिन खाना हमें तब ही मिलेगा जब कोई किसान खेत में मेहनत करेगा.
_ जब आप किसी गलत व्यक्ति को इज्जत देते हैं.. तो वह उसे आदर नहीं, अधिकार समझ लेता है.
_ आप किसके साथ हो, ये बहुत मायने रखता है.. सुनार की दुकान का कचरा भी बादाम से महंगा बिकता है.
_ उधार केवल धन का नहीं होता, भरोसे का भी होता है और जब वो लौटता नहीं, तो सिर्फ़ जेब नहीं.. रिश्ते भी खाली हो जाते हैं.
_ ईमानदारी का असली मूल्य तब समझ आता है.. जब इंसान के पास धोखा देने का अवसर हो, फिर भी वो सही राह चुनता है.
_ खुश रहो मगर ‘स्टेटस’ मत डालो.. वरना किसी की नजर लगने में टाइम नहीं लगता.
_ अगर भगवान ने आपसे वो ले लिया है, जिसे आप कभी खोना नहीं चाहते थे तो वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसकी आपने कभी उम्मीद नहीं की होगी.
_ गलतियां इंसान से होती हैं.. पर गलतफहमियां, तब होती हैं जब हम आंखें मूंद कर, अपने कानों पर विश्वास कर लेते हैं.
__ गुजरा वक्त वापस नहीं आता और पैसे से तो बिल्कुल भी नहीं.
_ हर जानकारी सबको नहीं दी जाती क्योंकि हर कोई उसे समझने या संभालने के लायक नहीं होता.
_ सच कभी-कभी चुभता है, लेकिन झूठ वो ज़हर है जो धीरे-धीरे रिश्तों को मार देता है.
_ फर्जी लोगों की भीड़ से बेहतर है अकेले चलना क्योंकि वहां कम से कम सच्ची खुशी तो मिलेगी.
_ भीड़ में अच्छाई ढूंढोगे ? अरे भाई! अच्छे लोग तो भीड़ में टिक ही नहीं पाते.
_ जिस काम से तुम्हारे घर पर चूल्हा जलता है, उस पर शर्म कैसी ? मेहनत की कमाई हमेशा सबसे प्यारी होती है.
_ दौलत के आंकड़े बढ़ाने से ज्यादा ज़रूरी है, अपने कर्मों की किताब को साफ रखना.
_ समय खराब हो तो चिल्लाने से क्या होगा ? बेहतर है दिल को समझा लो, वरना तमाशा खुद का ही बनेगा.
_ 100 अच्छे कामों को भुला देती है एक गलती और यही सबसे बड़ी नाइंसाफी है.
_ दूसरों का सहारा बनने वाले लोग मजबूत होते हैं, शायद इसलिए खुद के दर्द में भी वो अकेले मुस्कुरा लेते हैं.
_ तुम्हारे बोले हुए शब्द लौटकर नहीं आते, इसलिए उन्हें परोसने से पहले ज़रूर चख लेना चाहिए.
_ गलती सुधारी जा सकती है, पर ग़लतफ़हमी अगर बन गई तो बहुत कुछ बिगाड़ सकती है.





