सुविचार- पुच्छल्ला, पुछल्ला, पिछलग्गु, दुँबाला, साथ न छोड़नेवाला – 336

किसी के साथ होने में तभी मज़ा है जब किसी को आपकी ज़रूरत हो..

_ वरना तो आप फ़ालतू पुच्छल्ले की तरह पीछे लगे हुए हैं.
.… अरे नहीं, नहीं, पुच्छल्ले कहाँ फ़ालतू होते हैं ? उनकी ज़रूरत तो सब से ज़्यादा होती है.
_ किसी को आपकी ज़रूरत इंसान के रूप में हो, न हो, पुच्छल्ले के रूप में ज़रूर अच्छी लगेगी.
_ क्योंकि पुच्छल्ला सिर्फ़ सेवादार होता है, उसे कुछ चाहने का हक़ नहीं होता.
– Manika Mohini

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