सुविचार – ऐसी कौन-सी बात है, जो खुद पर लागू करना सबसे मुश्किल लगता है ? – 349

ऐसी कौन-सी बात है,

जो इंसान दूसरों को आसानी से कह देता है,
लेकिन खुद पर लागू करना सबसे मुश्किल लगता है ?
_ बहुत-सी बातें हैं, शायद इसलिए कि दूसरों की ज़िंदगी बाहर से दिखती है और अपनी ज़िंदगी भीतर से महसूस होती है.
कुछ उदाहरण :
– “जो हो गया, उसे छोड़ दो”
दूसरों को कहना आसान, अपनी चोट छोड़ना कठिन.
– “लोग क्या सोचेंगे, इसकी चिंता मत करो.”
लेकिन खुद आलोचना सुनते ही मन बेचैन हो जाता है.
– “अपेक्षाएँ कम रखो”
पर अपने प्रिय लोगों से अपेक्षा अपने आप पैदा हो जाती है.
– “स्वयं को स्वीकार करो”
लेकिन अपनी कमियों के साथ सहज होना सबसे कठिन कामों में से एक है.
– “वर्तमान में जियो”
और फिर खुद अतीत के पछतावों और भविष्य की चिंताओं में उलझे रहना.
– “माफ़ कर दो”
सलाह देना आसान, दिल से क्षमा करना कठिन.
– “लोग जैसे हैं, उन्हें वैसे ही स्वीकार कर लो”
यह बात समझ में आ जाती है, दूसरों को भी कही जा सकती है,
लेकिन जब चोट किसी अपने से मिले, तब इसे अपने ऊपर लागू करना बहुत मुश्किल हो जाता है.
– शायद जीवन की एक विडंबना यही है :
जिस सलाह की हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है, वही सलाह खुद पर लागू करना सबसे कठिन होता है.!!

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