सुविचार – ज़िन्दगी वाह वाह और कभी लगती है आह आह ! – 375

बाहर की दुनिया में कुछ नहीं बदलता, सब कुछ वैसे का वैसा चलता रहता है..

_ बस भीतर की दुनिया में हलचल मचती है तो कभी ज़िन्दगी लगती है वाह वाह और कभी लगती है आह आह !
– Manika Mohini
कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है.

_ अजी, कितनी बार सुनेंगे यह बात ?
_ जाइए, हमें कुछ नहीं पाना, क्योंकि जो हमारे पास है, वह इतना सुंदर, महत्वपूर्ण और कीमती है कि उसे खोकर हम कुछ पाना ही नहीं चाहते.
Its better to have one in hand than two in the bush.
– Manika Mohini
ऐ दोस्त ! ज़िन्दगी से न इतना निराश हो..
_सूखी भी है नदी तो समझ रास्ता हुआ !
– दुष्यन्तकुमार

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