अक्सर हमें लगता है कि अगर कोई हमसे नफ़रत कर रहा है, तो शायद हमने कुछ गलत किया है.
_ लेकिन हकीकत यह है कि नफ़रत हमेशा जलन की वजह से नहीं होती.
_ कई बार यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत होता है कि आप अपनी ज़िंदगी के सफर में उन लोगों से बहुत आगे निकल चुके हैं.
_ जब आप अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर भीड़ से अलग दिखने लगते हैं, तो जो लोग आपका मुकाबला नहीं कर पाते, वो अक्सर नफ़रत का सहारा लेते हैं.
_ उनकी यह कड़वाहट दरअसल उनकी अपनी हार का शोर है.
_ यह इशारा है कि आपकी रफ्तार इतनी तेज़ है कि वो आपको पकड़ नहीं पा रहे, इसलिए बस दूर से पत्थर फेंक रहे हैं.
_ इस नकारात्मकता को बोझ बनाने के बजाय इसे अपनी ‘सक्सेस रिपोर्ट’ समझिए.
_ याद रखिए, पेड़ पर पत्थर भी तभी मारे जाते हैं.. जब उस पर मीठे फल लगे हों.
_ अगर लोग आपके बारे में बातें कर रहे हैं या आपसे बेवजह चिढ़ रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं.. जो वो कभी नहीं कर पाए.
_ उनकी बातों को दिल पर लेने के बजाय अपनी मंज़िल पर ध्यान लगाइए.
_ आपकी कामयाबी ही उनकी नफ़रत का सबसे करारा जवाब होगी.. आगे बढ़ते रहिए, _ क्योंकि आसमान छूने वालों को ज़मीन पर शोर मचाने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता.!!