सुविचार 4839

सही फैसला लेना काबिलियत नही है,

_ फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत है…

‘सही फैसला वही’ जो लिया जाए, वरना हर ऑप्शन [option] सिर्फ सोच ही बना रहता है.
अगर किसी फैसले के बाद हर दिन आपको खुद को ही तर्क देकर समझाना पड़ रहा है, तो समझ लेना कहीं ना कहीं चूक हो गई है.

_ क्योंकि सही फैसले बार-बार सफाई नहीं मांगते, वो भीतर एक अजीब सा सुकून छोड़ जाते हैं.!!
हर इंसान अपनी आदत से चल रहा है, पर कोई भी फैसला हमें अपनी समझ से लेना चाहिए.
_ फैसला ज़ज़्बात में नहीं, समझ के साथ होना चाहिए
कोई भी फैसला दबाव और जल्दबाज़ी में लेना संभव नहीं होता, क्योंकि कुछ फैसले ऐसे होते हैं.. जिनमें वापस लौटने की कोई गुंजाइश नहीं बचती.

_ इंसान अक्सर फैसले से नहीं, बल्कि उसके बाद बदल जाने वाली पूरी ज़िंदगी से डरता है, क्योंकि कुछ मोड़ सिर्फ एक बार आते हैं.!!

सुविचार 4838

परिस्थितियाँ जितनी ज्यादा आपको तोड़ती हैं..

उससे कहीं ज्यादा आपको मजबूत बना देती हैं…

सुविचार 4837

गरीबों में अच्छा वक़्त आने की उम्मीद रहती है पर,,,

अमीरों को सदा बुरा वक़्त आने का खौफ रहता है ,,!

सुविचार 4836

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को,

उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नही हुआ करते…

सुविचार 4835

नदी जब किनारा छोड़ देती है तो राह की चट्टान तक तोड़ देती है,

बात छोटी सी ही गर चुभ जाए दिल में तो जिंदगी के रास्ते मोड़ देती है.

सुविचार 4834

ज़िद, गुस्सा, गलती, लालच और अपमान खर्राटों की तरह होते हैं,

जो दूसरा करे, तो चुभते हैं, परन्तु स्वयं करें तो एहसास तक नहीं होता..

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