सुविचार 4076
“दोहरा चरित्र आदमी की स्वभाविकता को नष्ट कर देता है,
और अस्वभाविकता सारा जीवन नष्ट कर देती है”
किसी का असली चरित्र तब बाहर आता है..
_ जब उसे वो नहीं मिलता जो वो आपसे चाहता था .!!
और अस्वभाविकता सारा जीवन नष्ट कर देती है”
_ जब उसे वो नहीं मिलता जो वो आपसे चाहता था .!!
और बड़े लालच यथासंभव जीवन से,”
_ फिर वो जरूरत की मानसिकता में तब्दील हो जाता है.!!
_ लेकिन उन्होंने आप को सबक क्या दिया, ये भी मत भूलो..!!
_ तो आपने आज ज्यादा कुछ नहीं किया है.
एक अच्छा आदमी होता है,”
बाहर के उत्तर कभी भी अपने भीतर संतृप्ति नहीं दे पाते”
_ बस थोड़ा इंतजार करना पड़ता है.
_लेकिन आप उसे जानते हुए भी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हो पाते..!!
_ लोगों को राजी करने में लगा रहता है.