सुविचार 4135
कुछ उलझनों के हल, वक़्त पे छोड़ देने चाहिए…!!
_ बेशक जवाब देर से मिलेंगे, लेकिन बेहतरीन होंगे…!!
समस्या ये नहीं है कि कुछ सुलझता नहीं, सुलझ तो सौ बार जाता है.
_ पर हम सुलझी चीजों को _ उलझाते क्यों हैं सौ बार ?
_ बेशक जवाब देर से मिलेंगे, लेकिन बेहतरीन होंगे…!!
_ पर हम सुलझी चीजों को _ उलझाते क्यों हैं सौ बार ?
_ परिणाम पर ध्यान देकर विचारपूर्वक निर्णय करो.
_ कई बार हालात, निर्णय के कारण होते हैं..
_ और बहुत से निर्णय हालात के कारण होते हैं..!!
_ जिनकी सुरक्षा की भावना आपके ठहराव पर निर्भर करती है.
_ हम नहिं हो पाते सरल, इसीलिए गुमराह..
_ कुछ सच में परेशान हैं तो कुछ सच से परेशान हैं..!!
_ जब वो सकारात्मक बात पर नकारात्मक टिप्पणी कर देता है,”
_ क्योंकि हम अक्सर भावनाओं में बहकर ही अपने राज़ दूसरों को बता देते हैं !!
_ जिनको आप अपने समझते हैं उनके भी होते हैं अपने कई..!!
_ मेल न बैठे जिससे दिल का _ उससे वास्ता बेकार है..!!