सुविचार 4107

सिर्फ पुरानी तस्वीरों के ही नहीं बल्कि बीते “वक़्त” के साथ..

उस “तस्वीर” में शामिल रहे किरदारों के भी “रंग” फीके पड़ जाते हैं !

किरदार मत देखिए, ये जरूरतों का दौर है,

_आदमी होता कुछ और है दिखता कुछ और है..!!

सिर और किरदार हमेशा ऊँचा रखें, अच्छे और बुरे दिन आते जाते रहते हैं.
अपने किरदार पर भरोसा रखें, चीखने-चिल्लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

सुविचार 4106

लोगों को मूर्ख बनाना आसान है, लेकिन उन्हें यह समझाना कठिन है कि उन्हें मूर्ख बनाया गया है.
किसी को भी ‘एक बार समझाओ दो बार समझाओ..
_ फिर भी ना समझे तो खुद समझ जाओ.!!

सुविचार 4105

समय आपका है, चाहें तो दूसरों की पंचायती में लगा लें

या ख़ुद के भविष्य बनाने में….मर्जी आपकी है..

सुविचार 4104

यदि आप अपने आस-पास की बदलती दुनिया को नहीं समझेंगे तो _आप पिछड़ते चले जायेंगे..!!

सुविचार 4103

किसी को गलत समझना बहुत आसान होता है, पर जिस बात के लिए गलत समझ रहे हो,

_उस बात को समझना बहुत मुश्किल होता है..

सुविचार 4102

किसी के साथ बुरा करके खुश मत होना,

_ये वो गुनाह है जिसका हिसाब होना ही होना है और वो भी रब के द्वारा..

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