सुविचार 3903

“किसी के पास वह सब कुछ नहीं हो सकता _जो वह चाहता है,- लेकिन हमारे पास जो नहीं है _उसे न चाहने की और जो हमारे पास है _उसे ख़ुशी से स्वीकार करने की क्षमता है.”

सुविचार 3902

क्रोध अकेला आता है लेकिन सब कुछ ले जाता है,

सब्र भी अकेला आता है पर यह सब कुछ दे जाता है.

सुविचार 3901

मन के नियमन से एकाग्रता और खुशहाली आती है.

आप नियम को जानें या न जानें, इससे कोई अन्तर नहीं पड़ता. नियम अपना कार्य करेंगे.

सुविचार 3900

अच्छे को आज करो और बुरे को कल पर टाल दो,

_ ये भी सुखी और सफल जीवन की एक कुंजी है.

सुविचार 3898

यदि किसी शब्द से दुख, क्रोध, संघर्ष और बहस होती है, तो उसे त्याग दो ;

इसके स्थान पर कुछ बेहतर शब्द का प्रयोग करो ; मौन सर्वोत्तम है.

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