सुविचार 4049

यदि आप अनन्त सुख और अनन्त आनन्द पाना चाहते हैं,

_ तो अपनी इच्छाओं को न्यूनतम कर दें.

सुविचार 4047

“दीपक” इसलिए वंदनीय है…क्योंकि _वह दूसरों “के” लिए जलता है,

दूसरों “से” नहीं जलता !!

मैं दीपक हूँ, मेरी फ़ितरत है, उजाला करना,

_वो समझते हैं कि, मजबूर हूँ, जलने के लिए..

सुविचार 4046

अगर आपने अपने शब्द और आचरण को कठोर बना लिया है तो

_ जाने- अनजाने आप अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं.

सुविचार 4045

*वक्त, ऐतबार और इज्जत,* *ऐसे परिंदे हैं..*

*जो एक बार उड़ जायें* *तो वापस नहीं आते…*

सुविचार 4044

अध्ययन हमें आनन्द देता है, अलंकृत करता है और योग्य भी बनाता है.

_ मस्तिष्क के लिए अध्ययन उतना ही जरुरी है, जितना शरीर के लिए व्यायाम..

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