सुविचार 3730
शुभचिंतक सड़कों पर लगे ” लैंप ” की तरह होते हैं, वे हमारी यात्रा की दूरी को तो कम नहीं कर सकते,
_ लेकिन हमारे पथ को ” रोशन ” और यात्रा को ” आसान ” करते हैं.
_ लेकिन हमारे पथ को ” रोशन ” और यात्रा को ” आसान ” करते हैं.
_अहंकार चाहता है कि मैं अपनी सभी असफलताओं को किसी और की गलती के रूप में देखूं.!!
_फिर उससे भिन्न बात को हम सोचते भी नहीं !!