सुविचार 4807

एक प्यारी सी लाइन उल्टी या सीधी कैसे भी पढ़ो,

अच्छा लगता है, ” है जिंदगी तो अपने हैं “

सुविचार 4806

बिना सच्चाई जाने किसी दूसरे की बातों में आकर किसी से संबंध खराब करना मूर्खों के लछण होते हैं.

सुविचार 4805

अपने बारे में सोचते वक्त इतनी इंसानियत जरूर रखें कि

” किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचे “

सुविचार 4804

प्रेम से इतने भर जाएँ कि शरीर के सारे संघर्ष समाप्त हो जाएँ। साथ ही अपने शरीर को • इन सद्भावना से भर दें कि जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य, सकारात्मकता, प्रेम, आनंद, मौन है तो और बढ़े.

सुविचार 4803

कर्मों का गणित बड़ा ही सीधा होता है,

कर भला तो हो भला और कर बुरा तो हो बुरा..

सुविचार 4802

हम हानि व कष्ट होने पर कुछ गवां ज़रूर देते हैं किन्तु उनसे शिक्षा लेते हुए ही हमें भविष्य का खाका खींचते हुए योजनाएं बनानी होंगी, ताकि वैसी हानिकारक एवं कष्टदायक घटनाओं की जीवन में पुनरावृत्ति न हो.
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