सुविचार 3656

जो इंसान दूसरों को हमेशा शक की निगाह से देखता है,

_ वो हक़ीक़त में अपनी ही बुराइयों को दूसरों में तलाश रहा होता है.

सुविचार 3654

अतीत का अनावश्यक रूप से बोझ न लें ; आपके द्वारा पढ़े गए अध्यायों को बंद करते जाएं;  _ बार – बार वापस जाने की जरूरत नहीं है.

सुविचार 3653

स्वास्थ्य है तो जीवन है, सुखदाई कर्म से ही दुआएं मिलती हैं,

_ अतः जीवन में दुआओं का वज़न ज्यादा होना चाहिए.

सुविचार 3652

हर बात को दिल से न लगा लें और न ही पर्सनली लें. _मज़ाक सहना भी सीखें ;

_वरना आप एक नकारात्मक इंसान के रूप में जाने जाएंगे और लोग आपसे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझेंगे.

हर बात पर टोकना या दूसरे की ग़लतियां निकालना बंद कर दें. इससे आपका

चिड़चिड़ापन बढ़ेगा और लोग आपको एक नेगेटिव इंसान समझेंगे.

जिस चीज़ पर हमारा बस ना हो, उसे उसके हाल पर छोड़ देने में ही हमारी भलाई होती है.

 

सुविचार 3651

बातचीत करने में कुशल बनने का केवल एक नियम है,_ दूसरों की बातें सुनना सीखिए.

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