सुविचार 3650

परिवर्तन की सुंदरता को देखना है, क्योंकि इसमें जीवन संगीत की तरह है: यदि किसी भी स्वर या वाक्यांश को उसके निर्धारित समय से अधिक समय तक रखा जाता है, तो माधुर्य खो जाता है.
आप जीवन जीने के लिए बाहरी परिवर्तन कर सकते हैं लेकिन आप कभी संतुष्ट नहीं होंगे;

_ जब तक आंतरिक परिवर्तन नहीं होगा, बाहरी परिवर्तन कभी भी परफेक्ट नहीं हो सकता..!

सुविचार 3649

किसी के कहने भर से या कान भरने बस से _यदि आप किसी अन्य से संबंध में खटास ले आते हैं तो _ यकीनन आपका व्यक्तिव व आपकी समझ दोयम दर्जे की है,;  अतः आपका दूर रहना ही ठीक है..!!
हम जीवन कि खटास में ही ज्यादा सजग और होशमंद जीवन जीते हैं,

_ जैसे ही जीवन में मिठास आती है, हम जीवन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं.!

सुविचार 3648

जीवन का अंतिम समय कैसे व्यतीत होगा, इसका फैसला आपका धन नहीं,

_ बल्कि आपके द्वारा किया गया व्यवहार तय करेगा.

सुविचार 3646

ज़िंदगी में अगर कोई रोकने टोकने वाला है तो उसका शुक्र मानिए,

_क्यूँकि जिन बाग़ों में माली नहीं होते वो बड़ी जल्दी उजड़ जाते हैं !!

हमारी ज़िंदगी में बागों के मानिंद कई फूल जुड़े होते हैं.

_ हर किसी की रंगत व खूबियां भिन्न होती है.

_ लेकिन ये सभी हमारी ज़िंदगी महकाते जरूर हैं.

_ एक फूल के मुरझा जाने से हम पूरे बाग को नहीं छोड़ देते.

_बल्कि ये प्रयास करते हैं कि दूसरे फूल खिलते रहें.

_ बस यही ज़िन्दगी है…

सुविचार 3645

आप कितने भी बेहतरीन बन जाना, लोग आपसे बेहतर ही तलाश करेंगे !!
इतना बेहतर भी ना खोजो कि बेहतरीन को हो खो दो !
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