सुविचार 3404

सम्पूर्ण शान्ति वह है जिसमें हम दूसरों के चिढ़ाने या तानों को सहन कर लेते हैं,

हमें इन बातों को ऐसे सहन करना चाहिए जैसे किसी उल्टे घड़े पर पानी उँड़ेला जा रहा हो,

वह घड़ा अपने भीतर पानी को बिलकुल नहीं लेता.

सुविचार 3401

आप यह निश्चित रूप से जान लें कि आपकी अकेली ईमानदारी में बहुत बड़ा बल है,

हाँ वह ईमानदारी पत्थर की चट्टान की तरह दृढ और अभेद्य होनी चाहिए,

अकेले आपके ईमानदार होने से, घर पास- पड़ौस में, व्यवसाय में और सभी छेत्रों में जहाँ आप प्रवेश करते हैं,

वहीँ, कुछ न कुछ परिवर्तन अवश्य होता है.

सुविचार 3400

सफलता के लिए व्यक्ति प्रयास अकेला करता है, _

_ लेकिन उसके पीछे प्रेरणा और प्रोत्साहन बहुतों की होती है.

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