सुविचार 3442

जरा संभल के रहना उन इंसानों से दोस्तों,,,,

जिनके दिल में भी दिमाग होता है….

सुविचार 3441

अहंकार का उपयोग ख़ुद से प्रतिस्पर्धा करने में किया जाना चाहिए न कि दूसरों के ख़िलाफ़,

ताकि बीते हुए कल के मुक़ाबले हम बेहतर बन सकें.

सुविचार 3439

ख़ुशी – प्रसन्नता ….

ख़ुशी से बढकर पौष्टिक खुराक और दूसरी कोई नहीं है,

अतः खुद भी प्रसन्न रहिये और दुसरो को भी खुश रखिये !

सुविचार 3437

” परिपक्वता ” का कुल इतना अर्थ है कि आप

लाभ हानि को पहचानने लग गये, “

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