सुविचार 3398
“लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं.”
दूसरों को देखकर अपने को मत बदलो, सीखते चलो”
दूसरों को देखकर अपने को मत बदलो, सीखते चलो”
– ” गलत को गलत बोलना सीखो -“
_ राहें नई भी खुलती हैँ तूफानों के गुजरने के बाद ..
वक़्त कैसा भी हो, ज़माना जो भी कहे… ये सब बेवकूफ़ियाँ नहीं हैं…
… इनके लिए कभी शर्मिंदा मत होना….