सुविचार 3430
कर्म एक ऐसा रेस्टॉरेंट है, जहाँ आर्डर देने की जरुरत नहीं है
हमें वही मिलता है जो हमने पकाया है.
हमें वही मिलता है जो हमने पकाया है.
इसे अपना आंतरिक मार्गदर्शक बन जाने दें.
जो थोड़ी सी सफलता पाते ही उफन पड़ते हैं और स्वयं का स्वरुप बिगाड़ बैठते हैं.
कि वह क्या महसूस कर रहा है, उन्होंने आपमें क्या भाव जगाए हैं.
चाहे जो भी हो, मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूँ.