सुविचार 3393

सच के साथ खड़ा रहना, काम में ईमानदार होना, या फ़िर रिश्तों में वफ़ादारी….

वक़्त कैसा भी हो, ज़माना जो भी कहे… ये सब बेवकूफ़ियाँ नहीं हैं…

… इनके लिए कभी शर्मिंदा मत होना….

सुविचार 3392

अगर आपके पास सचमुच कोई बुरी खबर है, तो भी कोई ऐसा उपाय निकालें,

_ जिससे उस बुरी खबर का सामने वाले पर असर कम पड़े.!!

ज़िन्दगी किसी के लिए नहीं रूकती, बस जीने की वजह बदल जाती है.!!

सुविचार 3391

खुद को कमजोर साबित कर देना आसान है, क्योंकि इसके लिए कुछ भी नहीं करना पड़ता…

…खुद को मजबूत बताने के लिए न जाने कितनी मेहनत एवमं त्याग की आवश्यकता होती है…ये हर किसी के वश की बात नहीं….!!!

सुविचार 3390

पहले ही कदम पर लिए गए दृढ़ संकल्प को यदि अंत तक कायम रखा जाए

_ तो वह पूर्ण सफलता प्राप्त करने में कभी विफल नहीं होगा.

विकल्प बहुत हैं बिखरने के लिए, संकल्प एक काफी है संवरने के लिए !!

सुविचार 3389

भीड़ से अलग निकलना ही है “ज़िंदगी”

भीड़ में सब लोग अच्छे नहीं होते, और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती..!!
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