सुविचार 3258

मिलजुल कर काम करने से मिलने वाले आनंद से हमारी चेतना का विस्तार होता है.

सुविचार 3255

चलकर देखा है अक्सर, मैंने अपनी चाल से तेज..

पर वक्त, और तकदीर, से आगे कभी निकल ना सका…।।

सुविचार 3254

” इंसान का इंसान के अलावा कुछ भी और होना,

उसके इंसान होने में सब से बड़ी गिरावट है,”

सुविचार 3253

भीड़ में सब लोग अच्छे नहीं होते हैं,

और अच्छे लोगों की भीड़ कभी नहीं होती.

error: Content is protected