सुविचार 3222
एक उद्यमी की सब से बड़ी खुशी है
ईमानदार एवं कार्य में दछ लोगों से उस का घिरा होना, न कि चापलूसों से.
ईमानदार एवं कार्य में दछ लोगों से उस का घिरा होना, न कि चापलूसों से.
उजाले बांट देने से कम नहीं हुआ करते..
किंतु ज्ञान के बाद यदि नम्रता का जन्म होता है, तो यही ज्ञान अमृत होता है.
_ मगर संतुष्टि हमेशा के लिए खुशी देती है.
_ हर कीमत पर दुनिया जहान की चीजें जुटाते हैं..