सुविचार 3383
जब हम यह मानते हैं कि हम अपनी नियति का निर्माण करते हैं,_
_ तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.
_ तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.
_ लोगों को बस मौका चाहिए होता है जलील करने का, ऐसी है जिंदगी.
एक स्वयं को देखती, _ एक देखती सृष्टि ।।
_ वो “वक्त” नहीं देता !! _और जिसको “वक्त” दो वो “कदर” नहीं करता !!!
_ जिसके लिए आप हमेशा हाजिर रहते हैं.