सुविचार 3175
प्रेम का लेन- देन करने के बजाए हम ख़ुद ही प्रेम कैसे बनें ?
प्रेम का लेन- देन करने के बजाए हम ख़ुद ही प्रेम कैसे बनें ?
गलत व्यक्ति की कभी भी जरूरत पड़ सकती है.
वरना अंत में आप खुद ही मूर्ख साबित हो जाएंगे इससे आपका ही नुकसान होगा.