सुविचार 3260

हिंदी में एक कहावत है… “बाज़ के बच्चे मुँडेर पर नही उड़ते.

_ “बेशक अपने बच्चों को अपने से चिपका कर रखिए, पर उसे दुनियां की मुश्किलों से रूबरू कराइए,
_ उन्हें मुश्किलों से लड़ना सिखाइए, बिना आवश्यकता के भी संघर्ष करना सिखाइए.
_ एक बात हमेशा याद रखिए…
_”गमले के पौधे और जंगल के पौधे में बहुत फ़र्क होता है.!!
चार दिन बाज के ना उड़ने से.. आसमान कबूतरों का नहीं होता.!!

सुविचार 3259

जब आपके कार्य आपके शब्दों से मेल नहीं खाते तो _

_आपके शब्दों की कीमत कम होने लगती है..

सुविचार 3258

मिलजुल कर काम करने से मिलने वाले आनंद से हमारी चेतना का विस्तार होता है.

सुविचार 3255

चलकर देखा है अक्सर, मैंने अपनी चाल से तेज..

पर वक्त, और तकदीर, से आगे कभी निकल ना सका…।।

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