सुविचार 3242
अपनी आतंरिक दशा के विकास के साथ- साथ, हमारे तौर- तरीके और जीवन शैली भी विकसित होनी चाहिए.
अपनी आतंरिक दशा के विकास के साथ- साथ, हमारे तौर- तरीके और जीवन शैली भी विकसित होनी चाहिए.
_ जीवन हर किसी को अपनी परिस्थितियों में व्यस्त रखता है.
कोई हताश हो के बिखर जाता है, तो कोई संघर्ष करके निखर जाता है.