सुविचार 2956

दुख – सुख ….

जब तक हम दूसरों के दुख-सुख में हाथ नहीं बंटाएंगे तब तक जीवन की सार्थकता साबित नहीं होगी.

जब हम दया, सेवा और कर्तव्य-पारायणता से भरे होते हैं तो अपने आप में आनंद अनुभव करते हैं.

सभी के बीच अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए जीना ही जीवन है.

सुविचार 2955

मुसकान थके हुए के लिए विश्राम, उदास के लिए दिन का प्रकाश

तथा दुखी के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है.

सुविचार 2954

हर मुसीबत अभिशाप नहीं होती,

समय के साथ वह आशीर्वाद सिद्ध होती है…

सुविचार 2953

खुशी आप जो चाहते हैं उसे पाने के बारे में नहीं है ; _ यह आपके पास जो कुछ भी है उसका आनंद लेने के बारे में है.!!

Happiness is not about getting all you want. It is about enjoying all you have.

खुशी का पहला उपाय – पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें.

_ पुरानी बातों को ज़्यादा न सोचा जाए.

सुविचार 2952

” चलना आ जाए बड़ी बात नहीं,

किधर चलना है, ये समझना़ बहुत जरूरी है,”

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