सुविचार 3073

“एक पुरानी तमिल कहावत के अनुसार, अमृत भी अत्यधिक मात्रा में हो तो ज़हर बन जाता है.

बिना किसी अपवाद के यह सभी बातों के लिए सच है.”

सुविचार 3072

” यकीन कीजिए, जब आप होश में होते हैं,

तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”

सुविचार 3071

हम जिस विचार पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, वही हमारी परिस्थितियां बन जाती हैं,

चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.

सुविचार 3070

गंदगी सड़न पैदा करती है, गौर से देखो, अपने भीतर कुछ गंदगी तो शेष नहीं रह गई.

सुविचार 3069

जीवन में कोई त्रासदी नहीं है ; _ यह एक हास्य है ; _ जीवित रहने का मतलब है, हास्य का बोध होना..

सुविचार 3068

अतीत के बारे में ही न सोचते रहें, बल्कि वर्तमान में ही ख़ुद को सुधारने की कोशिश करें,

ताकि आपका भविष्य आपके अतीत से बेहतर हो.

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