सुविचार 3032
एक बेहतर भविष्य की कल्पना करें. सोचें कि यह संसार आनंदमय बनता जा रहा है.
धीरे- धीरे ऐसा होता जायेगा.
धीरे- धीरे ऐसा होता जायेगा.
हमें परिस्थितियाँ चुनने की आज़ादी नही, पर हम निर्णय के लिए सदैव स्वतंत्र हैं.
…याद रखें…..आप दूसरों के प्रति “करुणा” …..इस वजह से नहीं दिखाते कि…..” वे कौन हैं “..
…बल्कि…..इस वजह से दिखाते हैं कि …..” आप कौन हैं “…!!
मनुष्य को उत्तम आचार- विचार करने की शिक्षा दे रहे हैं.
_ शिक्षा मनुष्य के अंदर एक ऐसा परफ्यूम है जो अपनी खुशबु से समाज को लगातार सुगन्धित करती रहती है.
तो समझ लेना आपकी काबिलियत अव्वल दर्जे की है..
_ बस उनके गिरते व्यवहार पे, अफ़सोस बहुत होता है.
साजिशें अपने करते हैं, तो अब हैरत नहीं होती,