सुविचार 2915

मुझे किसी की जरुरत नहीं ये घमंड है,

और सबको मेरी जरुरत है यह भ्र्म है.

सुविचार 2914

किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है.

आप स्वयं में जैसे हैं एकदम सही हैं. खुद को स्वीकारिये.

सुविचार 2913

आदमी ने छल में इतनी कुशलता प्राप्त कर ली है,

कि वो खुद को भी छल लेता है, और खुद को पता भी नहीं लगने देता.

सुविचार 2911

जिंदगी जब कठिन समय में नाच नचाती है तो

ढोलक बजाने वाले अपने जान- पहचान वाले ही होते हैं.

सुविचार 2910

बुरी आदतों और बुरे लोगों से दूर रहने की हिम्मत करने वाले लोग ही

जीवन में कुछ बड़ा हासिल कर पाते हैं.

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